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हृदय रोग से बचने के लिठकरें ये 2 पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® :-
à¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
5 से 10 मिनट तक à¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने से दिल के दौरे के खतरे को कम करता है। इसे सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सांस से संबंधित पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कहा गया है। इसके अलावा, यह शरीर और दिमाग को ताजा करता है। शरीर में नई ऊरà¥à¤œà¤¾ का संचार करता है। सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¤¾ है। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बूसà¥à¤Ÿ होती है। इससे तनाव दूर होता है। रकà¥à¤¤ शà¥à¤¦à¥à¤§ करता है। दिल की बीमारियों को रोकने के साथ ही यह माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ और अवसाद से à¤à¥€ आपको बचाता है।
यूं करें मसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
सिदà¥à¤§à¤¾à¤¸à¤¨ या सà¥à¤–ासन में बैठजाà¤à¤‚। अब कमर, गरà¥à¤¦à¤¨ और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को सीधा रखते हà¥à¤ शरीर और मन को सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखें। फिर तेज गति से सांस लें और तेज गति से ही सांस बाहर छोड़ें। सांस लेते समय पेट फूलना चाहिठऔर छोड़ते समय पेट पिचकना चाहिà¤à¥¤ इससे नाà¤à¤¿ सà¥à¤¥à¤² पर दबाव पड़ता है।
कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
हृदय रोग के लिठकपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® फेफड़ों, सà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤¨, लीवर, पैनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ के साथ-साथ दिल के कारà¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है। यह न केवल कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को कम करता है बलà¥à¤•ि धमनी के अवरोध को दूर करने में à¤à¥€ मददगार है।
यूं करें कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के किसी आसन में बैठजाà¤à¤‚। अब आंखों को बंद कर लें। पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। अब नाक से तेजी से सांस बाहर निकालने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करें। सांस को बाहर निकालते वकà¥à¤¤ पेट को à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि सांस को छोड़ने के बाद, सांस को बाहर न रोककर बिना पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठसामानà¥à¤¯ रूप से सांस को अनà¥à¤¦à¤° आने दें। इससे à¤à¤• सेकेंड में à¤à¤• बार सांस फेंकने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कह सकते हैं। इसके बाद सांस को अंदर लें। à¤à¤¸à¤¾ करते वकà¥à¤¤ संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखें। वैसे दिल के मरीजों को कपालà¤à¤¾à¤¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® धीरे-धीरे करना चाहिà¤à¥¤
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